MIBL RADIO
MIBL Tanin
होम

आबादान की रातें — Mohsen Moussawi

दक्षिण का बुख़ार

गीत

आबादान की रातें

Mohsen Moussawi

दक्षिण का बुख़ार एल्बम से

MIBL Radio पर Mohsen Moussawi का “आबादान की रातें” सुनिए — मुफ़्त, बिना ऐप, तुरंत चालू।

टेम्पो
132 BPM

इसे 66 या 265 BPM भी पढ़ा जा सकता है — टेम्पो का दोगुना होना सामान्य है और दोनों सही हैं।

बोल

आबादान की रातें, यार की निगाह में मस्त!

तेरा वह रे-बैन चश्मा, जादू और मोहिनी ताबीज़!

गली में नाचें हम, नय-अंबान की ताल पर!

तेरी निगाह दिल ले जाती है, पूरे ख़ूज़िस्तान से!

बजा ख़ुशी का ढोल, ओ आबादानी यार!

तेरी हँसी की ताल से मेरी रात तूफ़ान बन जाती है!

आ खजूरों के शहर में, रोशन रातों के शहर में!

ग़म को उखाड़ फेंकें, जान से, दिल से और तन से!

इस हवा की उमस तेरी हँसी पर वार दे!

अपनी एक ही अदा से आशिक़ को शह-मात कर दे!

बजा ख़ुशी का ढोल, ओ आबादानी यार!

तेरी हँसी की ताल से मेरी रात तूफ़ान बन जाती है!

आबादान हाय मेरे दिल, वह समंदर हो गया

अब हँस दे ओ मेरे यार

आह, कैसा तूफ़ान

MIBL Nova
Melodies Inspired By Life
रेडियो पर बोलें
0:00 0:00
प्लेलिस्ट में जोड़ें